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ICIF में स्वागत है

परिचय

इंडियन सेंटर फ़ार इस्लामिक फ़ाइनांस (ICIF) संस्था प्रचलित पारम्परिक व्यवस्था के मुक़ाबले में इस्लामिक इकानोमी और फ़ाइनेंशियल सिस्टम को विकल्प के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही हैए जो कि स्वतन्त्र व्यापार और नियनित्रत अर्थव्यवस्था पर आधारित है। यह एक ओर तो जनता में इस बात की जागरूकता लाने का प्रयास है कि इस्लामिक अर्थव्यवस्था किस प्रकार मानवतावादी हैए जो कि नैतिकता पर आधारित है और समाज के सभी वर्गों   विशेष रूप से सीमान्तए उपेक्षित और असंग

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उद्देश्य

1. इस्लामिक इकानोमिक्स एंड फ़ाइनांस के मैदान में स्कालरशिप के उच्च स्तर पर एक रिसर्च, स्टडीज़ और ट्रेनिंग संस्था की स्थापना करना। 2. भारत में इस्लामिक इकोनोमिक्स और फ़ाइनांस के सिद्धान्तों और उपयोग के लिए सैद्धानितक और प्रयोगिक अध्ययन कराना। 3. सेंटर और दूसरी संस्थाओं के द्वारा व्यकितगत और सामूहिक प्रयास से इस विषय पर लिखे गए रिसर्च पेपर के नतीजों को प्रकाशित करना। 4. अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारों, सिम्पोजि़यमों, ट्रेनिंग प्रोग्रामों और डिस्कश

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देश के विकास के लिए इस्लामी पूंजी निवेश

इस्लामी वित्त दुनिया भर में एक मज़बूत विकल्प के रूप में पशिचम की वित्तीय मंदी के बाद उभर रहा है और इसकी वृद्धि दर 15 प्रतिशत से अधिक है। न केवल मुसिलम देश बलिक आधुनिक, सेक्युलर और व्यावसायिक देश जैसे बि्रटेन, फ्रांस, जापान सिंगापुर, हांगकांग इस्लामी वित्त और बैंकिंग के केन्द्र बन चुके हैं। यहां तक कि विष्व बैंक ने इस्लामी वित्त को एक प्राथमिक क्षेत्र ठहराया है। बैंकों के राश्ट्रीयकरण के 40 वर्श बाद भी देश के 60 प्रतिशत लोग बैंकों और वित्तीय सु

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प्रशंसा

सर्वाधिकार ICIF (Indian Center for Islamic Finance), क पास सुरक्षित हैं। Powered by C9 SOFT